Saturday, 25 December 2010

इस बार ना मिला वो हर बार की तरह ..
उस का खुलूस गिर गया दीवार की तरह ...
अजी हमसे ना यूं मिलिए अदाकार  की तरह...
क्योंकि हम भी चेहरे पढ़ते हैं अख़बार की तरह ....

Tuesday, 21 September 2010

नाचे जिसकी धुन पे दुनिया दिल ऐसा एक तारा है ...
जो हमको भी प्यारा है और जो तुमको भी प्यारा है...
झूम रही है सारी दुनिया जबकि हमारे गीतों पर ....
अब कहती हो प्यार हुआ है क्या एहसान तुम्हारा है....

Friday, 3 September 2010

हवायें....

अभी रोशन हैं चाहत के दीये हम सबकी आँखों में

बुझाने के लिये पागल हवाएँ रोज़ आती हैं......


ये सच है नफ़रतों की आग ने सब कुछ जला डाला

मगर उम्मीद की ठंडी हवाएँ रोज़ आती हैं......

Thursday, 19 August 2010

"Sukhi": खुदा नहीं , न सही आदमी का ख्वाब सही ..... कोई हसीन...

"Sukhi": खुदा नहीं , न सही आदमी का ख्वाब सही .....
कोई हसीन...
: "खुदा नहीं , न सही आदमी का ख्वाब सही ..... कोई हसीन नजारा तो है नजर के लिए ... वो मुत्मयीं हैं की पत्थर पिघल नहीं सकता ... मैं बेकरार हूँ आ..."
खुदा नहीं , न सही आदमी का ख्वाब सही .....
कोई हसीन नजारा तो है नजर के लिए ...
वो मुत्मयीं  हैं की पत्थर पिघल  नहीं सकता ...
मैं बेकरार हूँ आवाज में असर के लिए...
नजर नवाज नजारा बदल न जाये कहीं ...


जरा सी बात है मुंह से निकल न जाये कहीं ..

वो देखते हैं तो लगता है की नीव हिलती है ...

मेरे बयान को बंदिश निगल न जाये कहीं ..

Monday, 16 August 2010

man ki dasha

तमाम रात तेरे मयकदे में मय पी है
तमाम उम्र नशे में निकल न जाये कहीं ....
कभी मचान पे चढ़ने की आरजू उभरी ,
कभी ये डर की ये सीढ़ी फिसल न जाये कहीं .....