छम से करतीं आयें बूँदें ,
मेघ संदेश पहुंचाएं बूँदें ,
अम्बर अमृत बरसाएं बूँदें ,
धरा इत्र फैलाएं बूँदें ,
पावन प्रीत जगाएं बूँदें ,
गीत नए सिखलाएँ बूँदें ,
मधु-मदिरा पान कराएँ बूँदें ,
विचलित मन बहलायें बूँदें ,
बच्चों सा खेल दिखाएँ बूँदें ,
बचपन की याद कराएँ बूँदें ,
मन भावन लोरियां गायें बूँदें ,
माँ का स्मरण कराएँ बूँदें ,
कर्म-भान करवाएं बूँदें ,
जीने की राह दिखाएँ बूँदें ,
हसें और हंसलायें बूँदें ,
मिल चलना हमें सिखाएं बूँदें , .... जारी रहेगा
मेघ संदेश पहुंचाएं बूँदें ,
अम्बर अमृत बरसाएं बूँदें ,
धरा इत्र फैलाएं बूँदें ,
पावन प्रीत जगाएं बूँदें ,
गीत नए सिखलाएँ बूँदें ,
मधु-मदिरा पान कराएँ बूँदें ,
विचलित मन बहलायें बूँदें ,
बच्चों सा खेल दिखाएँ बूँदें ,
बचपन की याद कराएँ बूँदें ,
मन भावन लोरियां गायें बूँदें ,
माँ का स्मरण कराएँ बूँदें ,
कर्म-भान करवाएं बूँदें ,
जीने की राह दिखाएँ बूँदें ,
हसें और हंसलायें बूँदें ,
मिल चलना हमें सिखाएं बूँदें , .... जारी रहेगा
bakwaas maar di.... kaksha chaar ke bacche likhte hain aisi poem.
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